सीमा पार पार आतंकवाद (Cross Border Terrorism) आतंकवाद दो प्रकार का होता है,
जो आतंकवाद एक देश में उत्पन्न होता है और वही कार्यवाही करता है। जैसे- नेपाल में माओवाद और भारत में पिपुल्स वार ग्रुप (पी.डब्ल्यू.जी.), यू.के. में आइरिश रिपब्लिकन आर्मी (आर.आर.ए.) उस आतंकवाद से भिन्न है, जिनकी जड़ें एक देश में हैं और वे अपनी उत्पत्ति के देश की सहायता करते हैं, परन्तु यह दूसरे देश में आतंक उत्पन्न करते हैं।
पाकिस्तान में शान्ति स्थापित करने के भारत के तमाम प्रयासों के बावजूद पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तान की खुफियाँ एजेन्सी आई.एम.आई. सम्पूर्ण देश और विशेषतः जम्मू- कश्मीर में आतंकवाती वारदात को अंजाम देने हेतु अपने यहाँ केन्द्र चला रही है, वहाँ विभिन्न कट्टर आतंकवादी संगठनों के तीन हजार से अधिक आतंकवादियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तोएबा, हरकत-उल, जेहाद-ए-इस्लामी, हरकत-उल- मुजाहिद्दीन और अल बदर जैसे आतंकवादी संगठनों के आतंकवादियों को प्रशिक्षित पाकिस्तानी सेना और वहाँ की खुफियाँ एजेन्सी आई. एस. आई. प्रशिक्षित करती है।
1995 में पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया था, लेकिन उसकी शर्मनाक हार हुई, इससे बौखलाए हुए पाकिस्तान ने तय कर लिया कि सीधे तो भारत से लड़ा नहीं जा सकता है, इसलिए परोक्ष लड़ाई की दीर्घकालीन योजना बनाई गई। इसके लिए आई.एस.आई. को सक्रिय किया गया।
भारतीय समाज के कुछ अराजक तत्वों तथा उग्रवादी संगठनों द्वारा इसका प्रयोग आतंकवाद फैलाने में किया जाता है। अराजक तत्व, काले धन को सीमा पार भेजने में सफल हो जाते हैं, फिर इनसे हथियारों की खरीद-फरोख्त होती है तथा आतंकवादी संगठनों को मजबूत बनाया जाता है, जिसका इस्तेमाल भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अन्जाम देने में किया जाता है। नोटबन्दी ने काफी हद तक सीमा पार आतंकवाद में कमी लाने का काम किया है। आतंकवादियों को भारत में करेंसी एक्सचेंज में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पहले उन्हें भारतीय मुद्रा आसानी से मिल जाती थी, जैसा कि मुम्बई हमले के दौरान हमें देखने को मिला।
नोटबन्दी इनकी कमर तोड़ने में अभी पूरी तरह सफल तो नहीं हुई, लेकिन 2016 के बाद उनकी गतिविधियों में कमी देखने को मिली है। इससे स्पष्ट होता है कि नोटबन्दी सीमा पार आतंकवाद में कमी लाने में आंशिक रूप से सफल प्रतीत होती है।
NOTE- इसी तरह के विषयों (इतिहास, राजनीति, भूगोल, आदि) पर आगामी पोस्ट प्राप्त करने के लिए हमारे टेलीग्राम समूह में शामिल हों।
telegram link- join telegram channel

Social Plugin